Prompt
हम थे जवान, दिलों में आग,
अक्षित और विद्या, प्यार का राग,
हर सरगोशी, हर नज़र,
सोचा था मिलेगा हमें एक नया सफ़र।
(Pre-Chorus)
पर किस्मत की हवा, बदल गई,
हमारा प्यार, एक याद बन गई,
विद्या चली, किसी और के साथ,
मैं अकेला, खो गया अपनी ही बात।
(Chorus)
विद्या, आज तुम किसी और की हो,
और मैं हूँ खामोशियों में खो,
जहाँ कभी था हमारा प्यार,
अब सिर्फ यादों का साया है, दिल बेज़ार।
(Verse 2)
वादा किया था चाँद-तारों से,
पर वादे टूटे हक़ीक़त की राहों में,
तुमने चुना वो रास्ता जो मेरा ना था,
अब मैं हूँ टूटे सपनों के साथ।
(Pre-Chorus)
तुम्हारी मुस्कान, अब मेरी नहीं,
किसी और के साथ तुमने लिखी कहानी,
पर मैं भूल नहीं सकता, जाने नहीं दे सकता,
उस प्यार को जो मेरे दिल में बसता।
(Chorus)
विद्या, आज तुम किसी और की हो,
और मैं हूँ खामोशियों में खो,
जहाँ कभी था हमारा प्यार,
अब सिर्फ यादों का साया है, दिल बेज़ार।
(Bridge)
उम्मीद है वो तुम्हें थामे, तुम्हें संभाले,
पर हर रात मैं अंधेरों में खो जाता हूँ,
तुम्हारा नाम गूंजता है मेरी रूह में,
इस खाली ज़िन्दगी में, अब सब खो चुका हूँ।
(Chorus)
विद्या, आज तुम किसी और की हो,
और मैं हूँ खामोशियों में खो,
जहाँ कभी था हमारा प्यार,
अब सिर्फ यादों का साया है, दिल बेज़ार।
(Outro)
अक्षित का दिल, अब ठंडा और वीरान,
सपने देखता है एक प्यार का, जो हुआ ना नसीब,
खामोशियों में मैं हमेशा रहूँगा,
प्यार का एक भूत, जो खो गया बारिश में।
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